तुलसी और विष्णु की कहानी

Tulsi and Vishnu Story in Hindi : सावर्णि मुनि की पुत्री तुलसी अपूर्व सुंदरी थी। उनकी इच्छा थी कि उनका विवाह भगवान नारायण के साथ हो। इसके लिए उन्होंने नारायण पर्वत की घाटी में स्थित बदरीवन में घोर तपस्या की। दी... Read More...

गजेन्द्र मोक्ष की कहानी

Gajendra Moksha Story in Hindi : अति प्राचीन काल की बात है। द्रविड़ देश में एक पाण्ड्यवंशी राजा राज्य करते थे। उनका नाम था इंद्रद्युम्न। वे भगवान की आराधना में ही अपना अधिक समय व्यतीत करते थे। यद्यपि उनके राज्य ... Read More...

वराह अवतार कथा – जब हिरण्याक्ष का वध करने के लिए विष्णु बने वराह

Lord Vishnu Varaha Avatar Story in Hindi : एक बार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र सनत-सनकादि भगवान विष्णु के दर्शन करने वैकुंठ धाम पहुंचे। वैकुंठ में विष्णु धाम के द्वार पर भगवान के दो पार्षद जय-विजय द्वारपाल के रूप म... Read More...
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कोकिलावन – यहाँ कोयल बन दर्शन दिए थे, श्री कृष्ण ने शनिदेव को

Kokilavan Shani Temple : Story & History in Hindi – दिल्ली से 128 किमी की दूरी पर तथा मथुरा से 60 किमी की दूरी पर स्थित कोसी कला स्थान पर सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव जी का एक अति प्राचीन मंदिर स्थापित है। इसके ... Read More...

असावरी देवी – यह है भगवान शिव कि बहन, जानिए कैसे और क्यों हुई उत्पन्न?

Lord Shiva Sister Asavari Devi Story : पौराणिक कथा के अनुसार जब देवी पार्वती ने भगवान शिव से विवाह किया तो वह खुद को घर में अकेली महसूस करती थीं। उनकी इच्छा थी कि काश उनकी भी एक ननद होती जिससे उनका मन लगा रहता।... Read More...

क्यों होता है 12 साल में एक बार कुंभ मेले का आयोजन?

Story & iHistory of Kumbh Mela in Hindi: कुम्भ मेले का आयोजन चार स्थानों हरिद्वार, प्रयाग, नासिक तथा उज्जैन में होता है। हर जगह कुम्भ मेले का आयोजन 12 साल में एक बार होता है। आइए जानते है क्या है इसका कारण-... Read More...

महाभारत युद्ध में पांण्डवों को जिताने के लिए श्री कृष्ण ने किये ये छल

Cheating & Deception by Shri Krishna in Mahabharat Yuddha: Hindi Mythological Stories– महाभारत में भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण को बहुत ही चतुर और सभी कलाओं का जानकार बताया गया है। श्रीकृष्ण ने कई बार चत... Read More...

श्री राम और कंबंध राक्षस का प्रसंग

Shri Ram and Kabandh Rakshas in Ramayan : – यह तब की बात है जब सीताजी को रावण, श्रीराम तथा लक्ष्मण की अनुपस्थिति मंं हरण कर ले गया था। जब तक दोनों वापस लौटे सीताजी कुटिया में नहीं थीं, यह देख श्रीराम व्याकुल हो... Read More...

आरंग- यहाँ कृष्ण ने ली थी राज मोरध्वज की परीक्षा, मांगा था उसके बेटे का मांस

Arang, Chhattisgarh History In Hindi : छत्तीसगढ़ की राजधानी से करीब 30 किलोमीटर दूर रायपुर-कोलकाता हाईवे पर एक कस्बा है- आरंग। कहा जाता है कि यह कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी और इसकी पहचान एक समृद्ध नगर के रूप ... Read More...

क्यों गया में हर व्यक्ति चाहता है पिंडदान?

Gaya And Pinddan : बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। धार्मिक दृष्टि से गया न सिर्फ हिन्दूओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है। बौद्ध धर्म के अनुयायी इस... Read More...