मंदिर

उच्ची पिल्लयार मंदिर- मान्यता है की यहां विभीषण ने किया था श्रीगणेश पर वार, जानिए क्यों

Ucchi Pillayar Temple, Tamil Nadu, Hindi Story & History :– भगवान गणेश के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है उच्ची पिल्लयार मंदिर (Ucchi Pillayar Temple) जो की तमिलनाडू के तिरुचिरापल्ली (त्रिचि) नामक स्थान पर रॉ... Read More...
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कोकिलावन – यहाँ कोयल बन दर्शन दिए थे, श्री कृष्ण ने शनिदेव को

Kokilavan Shani Temple : Story & History in Hindi – दिल्ली से 128 किमी की दूरी पर तथा मथुरा से 60 किमी की दूरी पर स्थित कोसी कला स्थान पर सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव जी का एक अति प्राचीन मंदिर स्थापित है। इसके ... Read More...

आरंग- यहाँ कृष्ण ने ली थी राज मोरध्वज की परीक्षा, मांगा था उसके बेटे का मांस

Arang, Chhattisgarh History In Hindi : छत्तीसगढ़ की राजधानी से करीब 30 किलोमीटर दूर रायपुर-कोलकाता हाईवे पर एक कस्बा है- आरंग। कहा जाता है कि यह कभी राजा मोरध्वज की राजधानी थी और इसकी पहचान एक समृद्ध नगर के रूप ... Read More...

रेणुका तीर्थ- मान्यता है की यहां भगवान परशुराम से मिलने आज भी आती हैं मां रेणुका

Renuka ji, Himachal: History & Story in Hindi- मां-पुत्र के पावन मिलन का श्री रेणुका जी मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। जो हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भ... Read More...

भारत में दो जगह है हनुमान पुत्र मकरध्वज के मंदिर

Lord Hanuman Son Makardhwaj Temple Information in Hindi : हिंदू धर्म को मानने वाले यह बात बहुत अच्छी तरह से जानते हैं कि भगवान श्रीराम के परमभक्त व भगवान शंकर के ग्यारवें रुद्र अवतार श्रीहनुमानजी बालब्रह्मचारी ... Read More...

स्तंभेश्वर महादेव –दिन में दो बार नज़रों से ओझल होता है यह मंदिर

Stambheshwar Mahadev History in Hindi  आज हम बात कर रहे हैं गुजरात में स्थित एक अनोखे मंदिर की। वैसे तो भारत में भगवान शिव के हजारों मंदिर हैं, लेकिन गुजरात में वडोदरा से 85 किमी दूर स्थित जंबूसर तहसील के का... Read More...

लोहार्गल – यहां पानी में गल गए थे पांडवों के अस्त्र-शस्त्र, मिली थी परिजनों की हत्या के पाप से मुक्ति

Lohargal History in Hindi : राजस्थान के शेखावटी इलाके के झुंझुनूं जिले से 70 कि. मी. दूर अरावली पर्वत की घाटी में बसे उदयपुरवाटी कस्बे से करीब दस कि.मी. की दूरी पर स्थित है लोहार्गल। जिसका अर्थ होता है जहां लोह... Read More...

आदि केशव पेरुमल मंदिर – श्री पेरंबदूर – शिवजी के भूत गणों ने किया था इसका निर्माण

AdiKesava Perumal Temple Sriperumbudur History in Hindi : प्रख्यात संत श्रीरामानुजाचार्य की जन्म स्थली श्री पेरंबदूर को ‘भूतपुरी’ भी कहाँ जाता है क्योंकि पौराणिक काल में यहाँ पर शिवजी के भूतगणों ने तपस्या की थी... Read More...

द्रोणागिरि – यहां वर्जित है हनुमान जी की पूजा

Myths and Facts about Dronagiri Parvat in Hindi : हम सब जानते है हनुमान जी हिन्दुओं के प्रमुख आराध्य देवों में से एक है, और सम्पूर्ण भारत में इनकी पूजा की जाती है। लेकिन बहुत काम लोग जानते है की हमारे भारत में ... Read More...

अचलेश्वर महादेव – अचलगढ़ – एक मात्र मंदिर जहां होती है शिव के अंगूठे की पूजा

Achleshwar Mahadev Achalgarh Mount Abu History in Hindi : अचलेश्वर महादेव के नाम से भारत में कई मंदिर है जिसमे से एक धौलपुर के अचलेश्वर महादेव के बारे में हम आपको बता चुके है जहाँ पर दिन में तीन बार रंग बदलने व... Read More...